भारत में परीक्षा की विफलता छीन रही जिंदगी, 3 साल में हजारों छात्रों ने की आत्महत्या
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बदलते परिवेश और तनावपूर्ण जिंदगी ने लोगों के जीवन को बोझिल बना दिया है। इसके चलते देश में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि शिक्षा का बढ़ता बोझ भी आत्महत्या के कारणों में शामिल हो रहा है। परीक्षा में विफलता के कारण हर साल हजारों विद्यार्थी अपनी जिंदगी समाप्त कर रहे हैं। यही कारण है कि 3 सालों में देश में 5,800 से अधिक विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा जघन्य कदम उठाया है।